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कानपुर-रसूख़दार दारोग़ा उदय प्रताप के दबाव में आयी छात्रा, शादी का झांसा देकर यौन शोषण के मामले में पीड़ित छात्रा ने कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिये मांगी मोहलत।
Updated Date:05 May 2016 | Publish Date: 05 May 2016
कानपुर- रसूख़दार दरोगा उदय प्रताप के दबाव में आयी छात्रा, शादी का झांसा देकर यौन शोषण के मामले में पीड़ित छात्रा ने कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिये मांगी मोहलत।

➡कोर्ट ने 6 मई तक दिया पीड़िता को बयान दर्ज कराने का दिया समय, महिला थाने की एसो पूनम अवस्थी ने  बुधवार सिविल जज जूनियर डिवीजन की सीमा सिंह की कोर्ट में किया था पेश। 

➡30 अप्रैल को महिला थाने में तत्कालीन एसो नवाबगंज उदय प्रताप यादव के खिलाफ बीएससी की छात्रा ने संगीन आरोप लगाते हुए दर्ज कराया था मुकदमा जिसमें अभी तक दारोग़ा है फरार।

➡3 दिन पहले मीडिया को रो रोकर अपनी दास्तां सुनाने वाली पीड़ित छात्रा ने साधी चुप्पी,दरोगा उदय प्रताप द्वारा मामले में समझौता के लिये दबाव में लेने की चर्चा के सवाल बोलने से किया इंकार।

आपको बताते चले ये सनसनीखेज मामला है यूपी के कानपुर का यहाँ आरोप लगे है उस शख्स पर जिसने कानून को अपनी जागीर समझ लिया और उसकी आड़ में खुद एक संगीन जुर्म को अंजाम देता चला गया। शादी के नाम पर सालों तक शारीरिक शोषण दूसरी पत्नी को तलाक देने का झांसा और फिर पुलिस थाने के अंदर हैविनियत वो नंगा नाच जिसने सुनने वालों के भी होश उड़ा दिया।

जहाँ कहने को तो वो एक पुलिस वाला था लेकिन उसके अंदर छुपा था एक शैतान वो शैतान जिसने एक इंसान की जिन्दगी बर्बाद कर दिया उसे असीम ज़िन्दगी के सपने दिखाये शादी का वादा किया सालों तक शारीरिक शोषण किया फिर थाने के अन्दर ही जुल्म की हर हद को पार कर दिया।

"इंशान की फ़ितरत में जब फ़रेब शामिल हो तो उसकी हर चाल धोखे से भरी होती है लेकिन समझने वाले भी जब अपनी चाहत की चाह में नासमझ बन जाये तो वो बनते है शिकार"

बर्बादी की ये कहानी शुरू हुई थी आज से 3 साल पहले सीसामऊ की रहने वाली ये पीड़ित छात्रा बीएससी की पढ़ाई कर रही थी नई उमंगों के साथ इसने नई उम्र में कदम तो रख दिया लेकिन ये नहीं जानती थी की इसकी जिन्दगी आने वाले वक्त में किस रफ़्तार से आगे बढ़ेंगी।

बर्बादी की ये कहानी की शुरुआत भी एक वारदात से शुरू हुई थी जब पीड़ित के साथ लूट और छेड़छाड़ की एक वारदात हुई जिसकी शिकायत लेकर वो पहुँची थी थाना सचेंडी यहाँ इसकी मुलाकात हुई एसो सचेंडी से एसो उदय प्रताप यादव ने पीड़ित को कार्यवाही का आश्वाशन देकर पीड़ित का नम्बर ले लिया वो नही जानती थी की इसकी नियत में खोट है ईमान में फ़रेब है और इरादों में हैविनियत की एक भूख है एसो साहब उसका नम्बर लेकर उससे फ्लर्ट करने लगे और एक दिन छात्रा को थाने बुलाकर उसे चैन रिकवर करवा दिया बस फिर शुरू हुआ मुलाकातों का सिलसिला एसो अपने इरादों में कामयाब हो इसलिये उसने एक और चाल चली पीड़ित को पूरी तरह अपने झांसे में लेने के लिये अपनी शादी की बात तो बतायी लेकिन पत्नी के चरित्र पर सवाल उठाते हुये ये झांसा दिया की जल्दी ही पत्नी से तलाक लेकर छात्रा शादी कर लेगा।
कहते है की अक्ल भी उम्र और अनुभव के साथ आती है छात्रा की शादी की चाहत और सामने से मिली धोखे की बेइन्तहा मोहब्बत में वो खुद इतनी फंसती चली गयी की जब उसे होश आया तो उसके कदमो तले ज़मीन खिसक चुकी थी।
थाने की सिपाही उसे शहर के नामचीन होटलों में ले जाते थे जहाँ उदय प्रताप महँगे तौफे लेकर उसका इंतजार कर रहा होता छात्रा को लगा की अगर इस दिल के मारे मरीज को सहारा देगी तो वो उससे शादी कर लेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं 3 साल तक छात्रा का भावनत्मक और शारीरिक शोषण के बाद जब उदय प्रताप का तबादला काकादेव के बाद थाना नवाबगंज हो गया तो उसने अपनी पत्नी को पास बुला लिया और छात्रा से दूरियां बना ली।अब पीड़ित ने अपनी जान का ख़तरा दारोग़ा और उसकी पत्नी से जताया है दारोग़ा की पत्नी ने उसे जिन्दा ही ईट भट्टे में झोकवाने की धमकी दी है।

एक लड़की की जिंदगी ईधर बर्बाद हो चुकी थी उधर खाकी फिर दाग़दार हो चुकी है। वही मीडिया में मामला आने के बाद आलधकारियो को भी हरकत में आना पड़ा लेकिन उससे पहले हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा।

➡कैसे हुई आरोपी पर कार्यवाही और खाकी पर लगे कौन कौन से संगीन आरोप।

अब सवाल उठता है की एक युवती को थाने के अन्दर दौड़ा दौड़ा के पीटा जाता है और एक भी आवाज उसके बचाव में नही उठतीं। सवाल ये की क्या ख़ाकी को पहनने वाले ऐसे कन्धे कानून और जनता की हिफाजत करेंगे क्या पूरे थाने पर कार्यवाही नहीं होना चाहिये?? 
कानून की मर्यादा को जब उसके ही रखवाले तोड़ेंगे तो अफ़सोस और शर्म जताने से कुछ नही होगा और शायद इसलिये मिडिया एक बार फिर आगे आया और कैमरों की नज़र जब आरोपी से सवालों के लिये पहुँची तो आरोपी वहाँ पर नही था उल्टा थाने पर मौजूद स्टाफ़ मीडिया से अभद्रता पर उतारू हो गये हंगामा बढ़ा तो डीएसपी स्तर के दो अधकारी मौके पर पहुँचे और कार्यवाही का आश्वासन दिया लेकिन इस बीच आरोपी एसो अपने परिवार सहित भाग खड़ा हुआ पीड़ित छात्रा पर जानलेवा हमले का अंदेशा था लिहाजा उसे महिला थाने की अभिरक्षा में रख दिया गया इस बीच पीड़ित छात्रा ने अपने फोन की कॉल डिटेल और उदय प्रताप के भेजे गये एसऍमएस और अन्य सबूत महिला थाने में दिये तब जाकर एसएसपी के आदेश पर एसो उदय के प्रताप के खिलाफ रेप मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुक़दमा दर्ज हुआ वही एसएसपी ने देर रात आरोपी एसो को निलंबित कर दिया।

लेकिन अब सवाल ये उठता है? जब थाने में आरोपी एसो और उसकी पत्नी छात्रा को पीट रहे थे दूसरे किसी भी पुलिसकर्मी ने उसे बचाने की कोशिश क्यों नहीं की, छात्रा को जानवरों की तरह पीटा गया और जान से मारने की धमकी थाने के एसो ने दी और थाने की सारी फ़ोर्स मजे लेती रही वो कौन से पुलिसवाले है जिनकी डियूटी पीड़ित को होटल तक पहुँचने की होती थी जहाँ एसो करता था ऐश।

क्या यही यूपी पुलिस का असल सच जो आये दिन सामने आये ही जाता है सवालों के जवाब देने के बजाय थाने के पुलिस कर्मियों ने उल्टा मीडिया से बदसलूकी क्यों की?

वही खाकी के ज़ुल्मो की शिकार पीड़ित छात्रा ने बेहद ही संगीन आरोप लगायें है। इससे पहले भी कानपुर में एक नाबालिक छात्रा के साथ डीएसपी रैंक का अधकारी अमरजीत शाही ने लंबे अर्से तक रेप करता रहा था और आरोप साबित होने पर जेल की सजा काट रहा है। 
हो सकता है कुछ दिनों बाद आरोपी एसो उदय प्रताप भी सलाखों के पीछे हो लेकिन सवाल खाकी के पीछे छुपे उन भेड़ियों को लेकर है जो उसे लगातार इसे दागदार कर रहे है और पूरा महकमा उनके किये पर पर्दा डालता रहता है। 
देखना है की खाकी कैसे अपने दामन में लगे दाग धोती है? और कैसे आम जनता में वर्दी का विश्वास जगाती है?