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पनामा पेपर लीक्स में उजागर एक पते और उसके मालिक से कनेक्शन को लेकर सवालों के घेरे में बीजेपी के मुरली मनोहर जोशी।
Updated Date:11 Jun 2016 | Publish Date: 11 Jun 2016
बीजेपी की तीन धरोहरों में से एक डाॅ. जोशी पनामा पेपर्स लीक्स में उजागर हुए एक पते और उसके मालिक से कनेक्शन को लेकर सवालों के घेरे में।
 
⏭पनामा लीक्स में एक पता 15/96,H, सिविल लाइंस,कानपुर भी बंगले के मालिक अविनाश खंडेलवाल बताये जा रहे है,अविनाश ले चुके है सिंगापुर की नागरिकता।

⏭कुछ साल पहले स्टाॅक एक्सचेंज में मामूली शेयर ब्रोकर थे अविनाश, इस पते पर है बीजेपी सांसद डाॅ. मुरली मनोहर जोशी का कार्यालय।

⏭अब सवाल ये है की आखिरकार क्या कनेक्शन है डाॅ. जोशी और अविनाश के बीच,कालेधन के मुद्दा को लेकर सत्ता के शीर्ष में पहुँचने वाली मोदी सरकार जवाब दे?

⏭आखिरकार सवालों से क्यों भाग रहे हैं डॉ जोशी।

कानपुर-पनामा पेपर्स लीक्स को लेकर पूरी दुनिया में शोर-शराबा मचा है भारत में भी कई सेलब्रिटी शक के दायरे में है। काला धन छिपाने वालों में कई राजनेताओं, बिजनसमैन, फिल्मी सितारों, खिलाड़ियों के नाम उजागर हुए है। काले धन के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी में पहले से ही रार छिड़ी है वहीं पनामा पेपर्स लीक्स के बाद सबकी बोलती बंद है। वही शक के दायरे में आए कानपुर के एक नामपते ने बीजेपी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी है।   

गौरतलब है की बीजेपी के राष्ट्रीय नेता व कानपुर के सांसद डाॅ. मुरली मनोहर जोशी के सितारे इन दिनों ग़र्दिश में है। केन्द्र में पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद न तो उन्हें सरकार में हिस्सेदारी मिली और न ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी। कानपुर की जनता तो उनसे नाखुश थी ही। अब एक और मुसीबत उनके गले और पड़ गई है वो है पनामा पेपर्स लीक्स में उजागर हुए एक नाम से उनका  कनेक्शन। 
आपको बताते चले की कि पनामा पेपर्स लीक्स में कानपुर के 5 नाम-पते सामने आए है। जिनमें एक पता 15/96 H, सिविल लाइंस है। इस बंगले के मालिक अविनाश खंडेलवाल बताए जा रहे है। पनामा पेपर्स लीक्स से चर्चित हुए इस पते ने एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। क्योंकि इस पते पर किसी और का नहीं बल्कि खुद बीजेपी के राष्ट्रीय नेता व कानपुर के सांसद डाॅ़ मुरली मनोहर जोशी का कार्यालय है। कालेधन का खुलासा करने वाले पनामा पेपर्स लीक्स में उजागर हुए इस पते को लेकर राजनीतिक भूचाल आ गया है। ऐसा भी नहीं है कि डाॅ. जोशी को इस बात की खबर नहीं है। लेकिन पार्टी के भीतर उनका इतना बड़ा कद है की किसी की क्या मजाल जो उनको रोक-टोक सके। उनको किसी की परवाह ही नहीं है। उनके अहम का नतीजा है कि अब बीजेपी और पनामा पेपर्स लीक्स के बीच के कनेक्शन को लेकर उंगलियां उठनी शुरू हो गई है। डाॅ. जोशी तो इस मामले में सवाल पूछे जाने पर मीडिया पर भड़कते नजर आए। उनके निजी सहायक ललित सिंह अधिकारी से हुई बातचीत से सारी तस्वीरें साफ हो चुकी है कि जोशी को अच्छी तरह से मालूम है कि पनामा लीक्स मामले में जिस पते का जिक्र किया गया है, उस बंगले में ही उनका दफ्तर है। अब ऐसे में जोशी जी अपनी मेज-कुर्सी आखिरकार क्यों नहीं समेट रहे है। साथ ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति का किसी दागदार व्यक्ति से सम्बंध, ये अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

जिस पते को लेकर राजनीतिक भूचाल आ गया है, वो बंगला कभी कानपुर के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े स्वरूप परिवार के ही एक सदस्य का था। हकीकत में तो (15/96 H) चंदू बाबू का बंगला के नाम से जाना जाता था जिसका मालिकाना हक स्वरूप परिवार के पास था और आज भी काफी कुछ हिस्सा इस परिवार के पास ही है। लेकिन स्वरूप परिवार की ये प्रापर्टी कई भाईयों के बीच बंट गई। उनमें से एक स्व. सुरेन्द्र स्वरूप जो काफी समय पहले दिल्ली चले गए थे, उन्होंने इसे बैरिस्टर आर.आर. मानसिंह को बेच दिया। बाद में उनसे अविनाश खंडलेवाल ने ये बंगला खरीदा। वही जानकारो के अनुसार अविनाश खंडेलवाल कुछ सालों पहले तक कानपुर स्टाॅक एक्सचेंज में एक मामूली शेयर ब्रोकर थे। लेकिन अब वो सिंगापुर में शीफ्ट हो चुके है और वहीं की नागरिकता भी ले चुके है। सिंगापुर में उनका केमिकल का कारोबार है।लेकिन अब जब खंडेलवाल का नाम पनामा पेपर्स लीक्स में उछला है तो कानपुर में उनसे जुड़ा हर एक शख्स अचम्भे में है। क्योंकि इतने कम समय में अकूत धनसम्पत्ति कहां से आई, ये हैरान कर देने वाला सवाल है?

आपको बताते चले पनामा पेपर्स लीक्स मामले में जो नाम अब तक सामने आए है वो सभी शक के दायरे में है। कालेधन को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार जहां सख्त कदम उठा रही है और देश की जनता के सामने एक बेहतरीन तस्वीर पेश करने की कवायद में जुटी है ऐसे में बीजेपी की तीन धरोहरों में से एक डाॅ. जोशी पनामा पेपर्स लीक्स में उजागर हुए एक पते और उसके मालिक से कनेक्शन को लेकर सवालों के घेरे में है।