लखनऊ-फिल्म डिपार्टमेंट का बाउंसर निकला रॉबिनहुड-जानिये कैसे? उसने किडनैपिंग के बाद डबल मर्डर की वारदात को दिया अँजाम
Updated Date:11 Aug 2016 | Publish Date: 11 Aug 2016
फिल्म डिपार्टमेंट का बाउंसर निकला रॉबिनहुड जानिए कैसे उसने किडनैपिंग के बाद डबल मर्डर को दिया अँजाम

लखनऊ- बीती 8 अगस्त को रात लगभग 8 बजे अब्दुल सलीम फरीदी का सहारागंज लखनऊ के सामने से सफ़ेद स्कोर्पियो में अपहरण हो जाता है जिसमें एक लड़की भी शामिल थी।
अगले दिन ठीक 10 बजे 10 लाख की मांग फरीदी के मोबाइल से उनके लड़के के पास आती है। STF मे यह केस अरविंद चतुर्वेदी को दिया गया।लोकेशन इलाहबाद निकलती है। लोकल पुलिस लड़के को ले कर इलाहबाद पहुंची, STF इलाहाबाद टीम पहले से सक्रिय थी। शाम 4 बजे अपहरणकर्ताओं द्वारा बताये अकाउंट में 10 लाख रुपये RTGS से ट्रान्सफर किये गए। रात 9 बजे फरीदी मलाका, फाफामऊ के निकट छोड़ दिए गए। पुलिस ने राहत की साँस ली। अगले दिन 10 अगस्त को सवेरे जब हम लोग फरीदी से पूछताछ कर रहे थे तभी इलाहबाद में एक लड़के और एक लड़की की अलग अलग जगह पर डेड बॉडीज मिलतीं हैं। उनकी पहचान अपहरणकर्ताओं संदीप सिंह और नीतू सिंह के रूप में होती है। कहानी में जबरदस्त पेचीदगी आ जाती है । फरीदी कुछ बता नहीं पाते है। वह खुद घायल थे, इलाज चल रहा था। जिस अकाउंट में पैसे डाले गए थे, उससे कैश निकलने की बात HDFC बैंक से पता चली। वीडियो फुटेज निकालने का प्रयास किया गया। 10 तारीख की शाम होने लगी। अरविन्द चतुर्वेदी ने लगातार HDFC की IT टीम से कार्ड यूसेज को रिफ्रेश करने को कहा । अचानक शाम 5.45 बजे 6200 रूपये का एक ट्रांसेक्शन अपडेट हुआ HOE Wellness पर। तुरंत इंटरनेट पे खोज की। यह स्पा लखनऊ एअरपोर्ट पर पाया गया। लोकल चौकी इंचार्ज ने स्पा में एंट्री देख कर बताया कि पेमेंट संदीप गुप्ता ने किया है जो 6 बजे की गोएयर 396 फ्लाइट से मुम्बई जा रहा है। लेकिन फ्लाइट runway पर जा चुकी है।  तुरंत अरविन्द चतुर्वेदी ने Director, Lucknow Airport Sh srivastava से पूरी बात बता कर Runway पर पहुँच चुके प्लेन को hold करने के लिए कहा गया। उन्हें in writing देने की बात कही तब प्लेन hold हुआ। एसटीएफ व लखनऊ पुलिस ने प्लेन से 2 संदिग्धों को उतरा। मोहम्मद इमरान और जीतेश नाम के इन लोगों के पास से मृतक संदीप का HDFC कार्ड बरामद हो गया। इमरान ने अपने साथियों जीतेश, जमील आदि के साथ पहले फरीदी से 10 लाख रुपये संदीप के अकाउंट में ट्रान्सफर कराये और फिर नीतू और संदीप को मार दिया।  संदीप और नीतू की ज्वेलरी भी इमरान की जेब से बरामद हुयी है।इमरान वास्तव में रॉबिनहुड है, अपराध के समाजशात्र में उसके अपने उसूल हैं, अति महत्वाकांक्षी इमरान बॉलीवुड में रामगोपाल वर्मा की फ़िल्म डिपार्टमेंट में Sharpedge कंपनी का बाउंसर था, वहीँ बाउंसर जीतेश से फिल्मसिटी में दोस्ती हुयी। फ़िल्म जगत की चकाचौंध से इमरान ने ऊँची उड़ान लेने का मन बना लिया। फिर किसी फ़िल्मी कहानी से प्रेरित हो कर अपने परिचितों को बुला कर कब्जे में ले कर उनसे पैसे वसूलने का धंधा शुरू कर दिया। पूछताछ पर कई घटनाएं बतायीं है। हत्या में शामिल इसके साथी आसिफ, अमजद और जमील को STF इलाहबाद और लोकल पुलिस ने  गिरफ्तार कर लिया है।
इस तरह एक बहुत सनसनीखेज घटना का बेहद प्रोफेशनल ऑपरेशन के तहत खुलासा, गिरफ़्तारी और बरामदगी सफलतापूर्वक हो गयी। इसमें इंस्पेक्टर PK मिश्रा, SPTG Sh जय प्रकाश और CO ग़ाज़ीपुर Sh दिनेश पुरी, चौकी इंचार्ज एयरपोर्ट की विशेष भूमिका रही । बहुत रोमांचक ढंग से रनवे पर जा चुके प्लेन को वापस बुला कर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।