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साइकिल पर नही चढ़ पाये माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को मिली बीएसपी के हाथी की सवारी
Updated Date:25 Jan 2017 | Publish Date: 25 Jan 2017
#UP :-साइकिल पर नहीं चढ़ पाए मुख्तार अंसारी को मिली बहन जी के हाथी की सवारी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि मुख्तार अंसानी मऊ सदर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले उनके निर्दलीय लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल के विलय की कोशिशें नाकाम होने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्तार अंसारी इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन अब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि मुख्तार अंसानी मऊ सदर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों का दावा है कि मुख्तार अंसारी को टिकट बसपा प्रत्याशी मनोज राय का टिकट कटने के बाद मिला है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि, अभी मुख्तार अंसारी के बसपा से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
mukhtar ansari साइकिल पर नहीं चढ़ पाए मुख्तार अंसारी को मिली बहन जी के हाथी की सवारी

समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर उम्मीदवार का ऐलान पहले ही कर दिया है। मऊ सदर विधानसभा सीट पर 11 मार्च को छठे चरण में मतदान होगा। मुख्तार अंसारी विभिन्न आरोपों में 2005 के बाद से ही लखनऊ की जिला जेल में बंद हैं। जेल में होने के बावजूद मुख्तार अंसारी 2007 और 2012 का विधानसभा चुनाव इसी विधानसभा क्षेत्र से जीत चुके हैं। इससे पहले उन्होंने 2002 और 1996 में भी यहां जीत हासिल की थी। मुख्तार अंसारी ने 2002 और 2007 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। इससे पहले 1996 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2012 में उन्होंने कौमी एकता दल का गठन किया और मऊ सदर से चुनाव मैदान में उतरे। इस बार भी उन्हें जीत हासिल हुई, उन्होंने सपा के उम्मीदवार अल्ताफ अंसारी को हराया था।
इस बार मुख्तार अंसारी की कौमी एकता दल के सपा में विलय की संभावना थी। शिवपाल यादव ने इसका ऐलान भी किया लेकिन अखिलेश के विरोध के बाद कौमी एकता दल का सपा में विलय नहीं हो सका। सपा में शामिल होने की उम्मीद थी लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरोध के बाद मामला उलझ गया। इस बीच सपा के सर्वेसर्वा अखिलेश यादव बने तो उन्होंने मऊ सदर सीट से अल्ताफ अंसारी को सपा का टिकट दिया। हालांकि वो 2012 में इसी सीट पर मुख्तार अंसारी चुनाव हार गए थे।
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