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जानें- किसे मिली योगी की ड्रीम टीम में जगह और कौन हुआ बाहर
Updated Date:10 Apr 2017 | Publish Date: 10 Apr 2017
जानें- किसे मिली योगी की ड्रीम टीम में जगह और कौन हुआ बाहर

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ड्रीम टीम में यूपी के 18 ज़िलों के डीएम को जगह मिली है. 20 अप्रैल को विभागों के प्रजेंटेशन ख़त्म होने के बाद यूपी में बड़े पैमाने पर IAS और IPS अफसरों के ट्रांसफर होंगे. सीएम के सामने 29 IAS अफसरों को बदलने की फाइल रखी गई थी. इन अफसरों को मसूरी ट्रेनिंग के लिए जाना था लेकिन योगी ने 11 अधिकारियों को छोड़ दिया है.

यहां आपको बता दें कि जिन अफसरों पर योगी ने भरोसा नहीं जताया है उन्हें ट्रनिंग पर भेज दिया है. योगी आदित्यनाथ की टीम में जगह नहीं बना पाने वाले डीएम की लिस्ट में 12 नाम हैं लेकिन इनमें से एक पर योगी आदित्यनाथ की कृपा दृष्टि हो गई

वही प्रांजल यादव जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनावों में वाराणसी में नरेंद्र मोदी की एक रैली नहीं होने दी थी. बाद में प्रांजल यादव पिछले सीएम अखिलेश के विशेष सचिव बने थे. अखिलेश यादव की परछाईं कहे जाने वाली विशेष सचिव जी एस नवीन कुमार को भी ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है.

सुहास एल वाई- आजमगढ़ के डीएम सुहास एल वाई का नाम भी इस लिस्ट में है. कभी अखिलेश की आंखों के तारे ये डीएम अब ट्रेनिंग पर जाएंगे.

वाराणसी के डीएम हैं.
* अनुज झा भी टीम का हिस्सा बन गए हैं. अनुज झा रायबरेली के डीएम हैं.
* प्रकाश बिंदु जो फर्रुखाबाद के डीएम हैं, वो भी ट्रेनिंग पर फिलहाल नहीं भेजे जाएंगे
* कानपूर देहात के डीएम कुमार रविकांत सिंह का नाम भी लिस्ट से हटा दिया गया है.
* इसी तरह फैज़ाबाद के डीएम विवेक की ट्रेनिंग भी फिलहाल रोक दी गई है.
* ऋषिकेश भास्कर यसोध जो अलीगढ के डीएम हैं वो भी योगी की ड्रीम टीम में हैं.

दूसरे बड़े नाम हैं-
अमृत त्रिपाठी – सीतापुर डीएम
प्रभु नारायण सिंह- बस्ती डीएम
जुहैर बीन सगीर- मुरादाबाद
और चर्चित IAS अधिकारी किंजल सिंह

दो दिनों पहले ही योगी आदित्यनाथ के पास 29 ज़िलों के डीएम बदलने की एक फाईल आयी थी. योगी ने इन सबके बारे में फीडबैक लिया कि कहां-कहां इनकी पोस्टिंग रही और कैसा काम किया. साथ ही योगी ने ये भी जाना कि इन पर किस तरह के आरोप लगे.

जानकारी लेने बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने 11 जिलाधिकारियों समेत कुल 27 IAS अधिकारियों को ट्रेनिंग पर भेज दिया है. दस अप्रैल से पांच मई तक ये अधिकारी लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी मसूरी में ट्रेनिंग लेंगे.

हम आपको बता दें कि हर IAS को नौकरी शुरू होने के सात से दस साल के बीच अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग पर जाना पड़ता है. इसके बाद इनकी पोस्टिंग नए सिरे से होगी. 20 अप्रैल को विभागों के प्रजेंटेशन ख़त्म होने के बाद बड़े पैमाने पर आईएएस और आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर होंगे. कई मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री योगी से अपने मंत्रालयों के सचिवों को बदलने की मांग की है. ऐसे में जिन 18 अधिकारियों को रोका गया है उनका वजन इस सरकार के दौरान बढ़ना तय है.