कानपुर-योगी राज में भी शहर में अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी,KDA अधिकारियों की मिली भगत से आवासीय जमीन पर चल रहा Tree house मेगामार्ट
Updated Date:18 Jul 2017 | Publish Date: 18 Jul 2017
योगी राज में भी शहर में अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी,KDA अधिकारियों की मिली भगत से आवासीय जमीन पर चलरहा Tree house मेगामार्ट


योगी राज में जहा कानपुर विकास प्राधिकरण पर जांच बैठी है बावजूद इसके कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी अपनी जादूगरी से बाज़ नही आ रहे है | दरअसल पूरे शहर में के डी ए के अधिकारी पैसो की बंदरबाट कर आवासीय प्लाट को व्यवसायिक कर लाखो रूपये के वारे न्यारे कर रहे है जबकि के डी ए पर पहले से जांच चल रही है|  लेकिन के डी ए अधिकारीयो की कार्यशैली सारी जांचो को धता बता रही है और रुपयों की बंदरबाट कर प्लाटो का गोरखधंदा बदस्तूर जारी है |



कानपुर नगर के बर्रा इलाके में बने ये शानदार मार्ट की है ये मेगा माल हाइवे पर बनाया गया है जो आवासीय क्षेत्र है लेकिन केडीए के अधिकारियों की मिली भगत से दो आवसीय प्लाटो को जोड़ कर ये ज़मीन को व्यावसायिक बना दिया गया | केडीए के अधिकारियों का खेल यही नहीं रुका इस आवासीय ज़मीन पर रातो रात एक शानदार माल खड़ा हो गया  | नक्शा क्या केडीए की परमिशन और क्या लैंड यूज़ सब में बदलाव किये बिना ये माल खड़ा कर दिया गया और ये सब मुमकिन हुआ केडीए के अधिकारियों की नज़रे इनायत पर | इस बाबत जब हमने माल मालिक से बात करनी चाहि तो माल मालिक गुंडई पर उतर आया और झगड़ा करने लगा | 


अब आपको नियमावली बताते है की आखिर के डी  ए के मानक क्या कहते है 


दरअसल  आवासीय अलग अलग 2 प्लाटो को एक साथ नही जोड़ा जा सकता है 

आवासीय मकान को पूरी तरह घेरा नही जा सकता है यानी मकान का कुछ हिस्सा खुला रहना ज़रूरी है 

 आवासीय प्लाट को व्यावसायिक प्लाट में तब्दील करने का अधिकार केडीए को नहीं है ये अधीकार सिर्फ शासन को है यानी आवासीय प्लाट को व्यावसायिक प्लाट अगर करना है तो शासन स्टार पर ही ये होना मुमकिन है 

 दबंग माल मालिक ने हाइवे के कुछ हिस्से को पार्किं में तब्दील कर लिया है जिससे कई बार दुर्घटनाए भी हो चुकी है 


अब ज़रा केडीए की कार्यशैली से आपको रूबरू कराते है दरअसल कागज़ो में माल को ना बनाने का आदेश दिया गया लेकिन माल बन गया  | फिर माल को सील करने का आदेश केडीए ने जारी किया लेकिन माल बन गया और माल में लोगो ने खरीद फरोख्त भी जारी कर दी  | इन सबके बाद फिर माल गिराने का आदेश केडीए ने जारी किया इसके बाद केडीए अधिकारीयो खुद को असहाय दिखा कर पुलिस को माल सीज करने के लिए लैटर लिखा | लेकिन ये सब कागज़ो पर ही होता रहा यानी केडीए अधिकारी अपना दामन बचा कर मलाई काटते रहे और माल शहंशाही से चलता रहा | 

आपको दिखाते की केडीए अदिकारी शहर में कैसे करामात पे करामात किये जा रहे है | केडीए ज़ोन 1 के स्वरुप नगर क्षेत्र में भ्रस्टाचार मुक्त  योगी सरकार को मुँह चिढ़ाता द ट्री हाउस कैफे और उसी परिसर में चल रहा बुद्धा  स्पा  शहर के बीचो  बीच और सबसे पॉश इलाके स्वरुप नगर में है ये भी आवासीय प्लाट है लेकिन भ्रष्ट केडीए अधिकारियों की कारगुज़ारी के चलते ये  व्यावसायिक प्लाट कर दिया गया आलिशान इमारत खडी हो गयी | केडीए ने नक्शा नहीं देखा केडीए ने परमिशन नहींदेखा और ना ही आवासीय प्लाट उन्हें व्यावसायिक बिल्डिंग में नज़र आया हां अगर कुछ नज़र आया  तो सिर्फ पैसा | पैसो  खनक के आगे केडीए अधिकारियों को कुछ ना दिखाई दिया और  ना कुछ सुनायी दिया ये सिर्फ बानगी है वरना शहर के किसी इलाके में आप चले जाए नज़ारा ऐसा ही आपको दिखेगा गौरतलब है की कानपुर विकास प्राधिकरण पहले ही ब्लैक लिस्टेड है और उस पर जांच चल रही है बावजूद इसके केडीए अधिकारियों का ये गोरखधंदा बदस्तूर जारी है | 

आइये अब मिलाते है इस जादूगरी के बादशाह से की कैसे आवासीय प्लाटो को व्यवसायिक कर लाखो रूपये वारे न्यारे किये जा रहे है | केडीए अधिकारी से इस सन्दर्भ में जब हमने इनसे बात करनी चाहि तो पहले बात करने से मना कर दिया | खासी मशक्कत के बाद उन्होंने कहा की केडीए के सभी काम मानक के अनुरूप हो रहे है और अगर कोई गलत काम करता है तो उसपर कार्यवाही की जाएगी | ये बात दीगर है की हाइवे के बीचो बीच बना मेगा माल साहब को नज़रनाही आ रहा है वही स्डूसरे मामले पर उनका कहना था की मामला संज्ञान में आया है जांच करायी जाएगी  | 



ये नज़ीर है की किस तरह केडीए अधीकारी रुपयों की लूट घसूट कर नियमो को अनदेखा कर रहे है जबकी केडीए पर पहले से ही जांच चल रही है बहरहाल अब देखने वाली बात ये होगी की भ्रस्टाचार मुक्त भारत का सपना देखने वाली सरकार के ालधीकारी इस पर कोई कार्यवाही करते है या फिर केडीए अधिकारियों का गोरखधंदा ऐसे ही चलता रहेगा